आरईसी की विकास यात्रा के प्रमुख पड़ाव

  1. 2026

    सेबी रेगुलेटरी सैंडबॉक्स फ्रेमवर्क के अंतर्गत टोकनाइज़्ड कॉर्पोरेट बॉन्ड का भारत का पहला पायलट निर्गम सफलतापूर्वक शुरू किया, जिससे डिजिटल पूंजी बाज़ार नवाचार में एक नया मानदंड स्थापित हुआ।

  2. 2025

    आईएसओ 31000:2018 जोखिम प्रबंधन मानकों के अनुपालन की मान्यता प्राप्त करने वाली पहली भारतीय पीएसयू-एनबीएफसी बनी, जो जोखिम प्रशासन में वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के प्रति उसकी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है।

  3. 2024

    उद्योग में अग्रणी मात्र 0.86% का निवल एनपीए हासिल किया, जो क्षेत्र में सबसे कम में से एक है।

  4. 2024

    एएमएफआई वर्गीकरण में मिड-कैप श्रेणी से लार्ज-कैप श्रेणी में उन्नत हुई, जो मज़बूत बाज़ार विश्वास और निवेशकों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है।

  5. 2024

    किसी भारतीय पीएसयू द्वारा पहली बार येन-मूल्यवर्गित ग्रीन बॉन्ड जारी किए, जिनसे 61.1 अरब जापानी येन जुटाए गए। यह लेन-देन अब तक का सबसे बड़ा यूरो-येन निर्गम तथा दक्षिण या दक्षिण-पूर्व एशिया के किसी जारीकर्ता द्वारा सबसे बड़ा गैर-संप्रभु येन-मूल्यवर्गित बॉन्ड निर्गम भी रहा।

  6. 2024

    आरईसी ने ग्रीन डॉलर बॉन्ड के माध्यम से 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर जुटाए, जो वर्ष 2024 में किसी भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम द्वारा पहला अमेरिकी डॉलर बॉन्ड निर्गम था। प्राप्त राशि आरईसी के ग्रीन फाइनेंस फ्रेमवर्क के अंतर्गत पात्र नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए निर्धारित की गई।

  7. 2024

    पीएम सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम कार्यान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया।

  8. 2023

    भारत की जी20 अध्यक्षता के बाद 750 मिलियन अमेरिकी डॉलर के ग्रीन बॉन्ड जारी करने वाली पहली भारतीय पीएसयू बनी, जिनकी लिस्टिंग गिफ्ट आईएफएससी एक्सचेंजों पर हुई। यह निर्गम दक्षिण या दक्षिण-पूर्व एशिया के किसी जारीकर्ता द्वारा अब तक का सबसे बड़ा वरिष्ठ ग्रीन बॉन्ड ट्रांच भी रहा।

  9. 2023

    एमएससीआई ग्लोबल स्टैंडर्ड इंडेक्स में शामिल हुई, जिससे वैश्विक निवेशकों के बीच उसकी बढ़ती मान्यता और सुदृढ़ हुई।

  10. 2023

    स्टैंडअलोन आधार पर भारत की सबसे बड़ी एनबीएफसी बनकर उभरी, जो उसके सुदृढ़ वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन को रेखांकित करता है।

  11. 2022

    किसी भारतीय एनबीएफसी द्वारा अब तक का सबसे बड़ा सिंडिकेटेड टर्म लोन जुटाया, जिसके अंतर्गत 1.175 अरब अमेरिकी डॉलर की सिंडिकेटेड ऋण सुविधा प्राप्त की।

  12. 2022

    भारत सरकार द्वारा प्रतिष्ठित महारत्न का दर्जा प्रदान किया गया, जो आरईसी के आकार, प्रदर्शन और रणनीतिक महत्व को मान्यता देता है।

  13. 2022

    भारत सरकार की स्वीकृति से अवसंरचना और लॉजिस्टिक्स वित्तपोषण क्षेत्र में प्रवेश कर अपने ऋण पोर्टफोलियो का विविधीकरण किया।

  14. 2021

    पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के लिए नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया, जो भारत के विद्युत वितरण क्षेत्र को सुदृढ़ करने की एक प्रमुख पहल है।

  15. 2019

    नोडल एजेंसी के रूप में सौभाग्य योजना के अंतर्गत 100% घरेलू विद्युतीकरण में सहयोग किया, जिससे बिजली तक सार्वभौमिक पहुंच को बढ़ावा मिला।

  16. 2018

    नामित नोडल एजेंसी की भूमिका में दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई) के अंतर्गत पूरे भारत में 100% गांवों का विद्युतीकरण सफलतापूर्वक पूर्ण किया।

  17. 2017

    लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर अमेरिकी डॉलर ग्रीन बॉन्ड जारी करने वाली पहली भारतीय पीएसयू बनी, जो सतत वित्तपोषण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

  18. 2012

    स्विस फ्रैंक (सीएचएफ) बॉन्ड बाज़ार से धन जुटाने वाला पहला भारतीय कॉर्पोरेट बना, जो वैश्विक पूंजी बाज़ार तक पहुंच में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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